DA Hike 2025: आठवें वेतन आयोग की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए दो बार महंगाई भत्ते में वृद्धि करने की योजना बना रही है। होली के आसपास, मार्च 2025 में सरकार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2025 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगी, जिससे कर्मचारियों को बकाया राशि का भी लाभ मिलेगा।
प्रस्तावित वृद्धि का विश्लेषण
सूत्रों के अनुसार, इस बार महंगाई भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि की संभावना है। वर्तमान में महंगाई भत्ता 53 प्रतिशत है, जो बढ़कर 56 या 57 प्रतिशत तक हो सकता है। यह वृद्धि कर्मचारियों के वेतन में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी लाएगी।
वेतन वृद्धि का प्रभाव
एक उदाहरण के रूप में, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 18,000 रुपये है, तो वर्तमान में वह 53 प्रतिशत की दर से 9,540 रुपये महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहा है। 3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, उसका महंगाई भत्ता बढ़कर 10,080 रुपये हो जाएगा, जबकि 4 प्रतिशत की वृद्धि से यह 10,260 रुपये तक पहुंच सकता है।
पेंशनभोगियों के लिए लाभ
महंगाई भत्ते में यह वृद्धि न केवल सेवारत कर्मचारियों बल्कि पेंशनभोगियों को भी लाभान्वित करेगी। पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (डीआर) के रूप में समान प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी। यह वृद्धि एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को प्रभावित करेगी।
पिछले वर्ष की वृद्धि का विवरण
वर्ष 2024 में सरकार ने दो बार महंगाई भत्ते में वृद्धि की थी। मार्च 2024 में 4 प्रतिशत की वृद्धि की गई, जिससे महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो गया। इसके बाद अक्टूबर 2024 में 3 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की गई, जिससे यह बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया।
महंगाई भत्ते की गणना प्रक्रिया
महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई) के आधार पर की जाती है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए, पिछले 12 महीनों के एआईसीपीआई इंडेक्स के औसत के आधार पर गणना की जाती है। इसके लिए एक विशेष फॉर्मूला का उपयोग किया जाता है: डीए प्रतिशत = ((पिछले 12 महीनों का एआईसीपीआई औसत – 115.76) / 115.76) × 100
भविष्य की योजनाएं
सरकार 2026 से आठवें वेतन आयोग को लागू करने की योजना बना रही है। इससे पहले, वर्तमान प्रणाली के तहत महंगाई भत्ते में नियमित वृद्धि जारी रहेगी। यह वृद्धि कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत प्रदान करने में मदद करेगी।
वित्तीय प्रभाव और महत्व
महंगाई भत्ते में वृद्धि का प्रमुख उद्देश्य कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखना है। यह वृद्धि मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने में मदद करती है और कर्मचारियों के जीवन स्तर को बनाए रखने में योगदान करती है।
महंगाई भत्ते में प्रस्तावित वृद्धि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत होगी। यह वृद्धि न केवल उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि उनके जीवन स्तर को बनाए रखने में भी मदद करेगी। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, और कर्मचारियों को आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।